हाथरस। सिकंदराराऊ में स्थायी कूड़ा डंपिंग सेंटर का निर्माण महीनों बाद भी शुरू नहीं हो सका है, जिससे नगर की सफाई व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रतिदिन निकलने वाले भारी मात्रा में घरेलू एवं व्यावसायिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने से नगरवासियों में रोष व्याप्त है।
पिछले कुछ माह पूर्व हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं अपर जिलाधिकारी ने नगर का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका द्वारा नगर से बाहर चिन्हित की गई डंपिंग सेंटर की भूमि का जायजा लिया। अधिकारियों ने कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्थायी कूड़ा डंपिंग सेंटर का निर्माण शीघ्र कराने तथा लंबित फाइलों को शासन से जल्द स्वीकृत कराने के निर्देश दिए थे।
नगर पालिका अध्यक्ष मुशीर कुरैशी के अनुसार डंपिंग सेंटर के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है, लेकिन रास्ते में अवरोध एवं जमीन संबंधी विवादों के कारण कार्य रुका हुआ है। इसके अतिरिक्त बजट की कमी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। इन समस्याओं के चलते नगर पालिका को नगर के भीतर एवं आसपास ही कूड़ा एकत्र करना पड़ रहा है।
इस स्थिति पर नगर के अनेक गणमान्य लोगों ने चिंता व्यक्त की है। इनमें व्यापारी नेता विपिन वाष्र्णेय, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता, मंडल अध्यक्ष मुकुल गुप्ता, व्यापारी नेता विशाल वाष्र्णेय एवं हिंदूवादी नेता अमन गुप्ता शामिल हैं।
इन लोगों का कहना है कि कूड़े के ढेरों से लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका मानना है कि जब तक स्थायी कूड़ा डंपिंग सेंटर का निर्माण नहीं होता, तब तक शहर को स्वच्छ रखना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है।





