रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली (आरेडिका) में महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा द्वारा वित्तीय वर्ष 2025–26 में 31 जनवरी 2026 तक की उपलब्धियों को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने आरेडिका की उत्पादन, तकनीकी प्रगति एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी।
महाप्रबंधक ने बताया कि 1 अप्रैल 2014 से अब तक आरेडिका द्वारा कुल 15,369 रेल कोचों का उत्पादन किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 1,679 कोचों का निर्माण कर उन्हें रेल सेवा को समर्पित किया गया। कुल उत्पादन में से लगभग 1,600 कोच सामान्य एवं शयनयान श्रेणी के हैं, जो साधारण यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इसके साथ ही वंदे भारत चेयर कार कोचों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जा रही है तथा 16 डिब्बों वाली पहली वंदे भारत चेयर कार रेक का निर्माण फरवरी 2026 में प्रस्तावित है।
फोर्ज्ड व्हील उत्पादन के संबंध में उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 50,000 पहियों के लक्ष्य के सापेक्ष जनवरी 2026 तक 54,075 पहियों की फोर्जिंग, 50,751 पहियों की मशीनिंग तथा 49,166 पहियों की स्टैम्पिंग पूर्ण की जा चुकी है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत हजारों पौधों एवं बीजों का रोपण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्षा जल संचयन के लिए तालाबों एवं रिचार्ज बोरवेल का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल क्षमता 748 मिलियन लीटर है। परिसर में हरित पार्क, बच्चों के उद्यान एवं पारिस्थितिकीय विकास से जुड़े विभिन्न कार्य भी किए गए हैं।
प्रेस वार्ता के उपरांत महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा की पुस्तक “टेल्स फ्रॉम रेल्स” का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ रेलवे अधिकारी एवं विख्यात रेलवे इतिहासकार पी. के. मिश्रा ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कृति भारतीय रेल के इतिहास, समाज और सांस्कृतिक परिवेश को गहराई से प्रस्तुत करती है। पुस्तक में रेल से जुड़ी 32 सत्य घटनाओं पर आधारित कहानियों एवं निबंधों का संग्रह है, जो गहन शोध और भावपूर्ण लेखन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला में श्री मिश्रा ने भारतीय रेलवे, विशेषकर पूर्वी रेलवे के निर्माण, इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम में रेलवे की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेलवे इतिहास से जुड़े अनेक अनछुए तथ्यों और धरोहरों की जानकारी साझा की।
पुस्तक विमोचन समारोह में पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह, रेल इंथुज़ियास्ट सोसायटी के सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार, आरेडिका के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने पुस्तक की विषयवस्तु, शोध एवं शैली की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन नंदिनी एवं अस्थानन्द पाठक, उप मुख्य वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी द्वारा किया गया। उक्त जानकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली द्वारा दी गई।





