चंदौली (चकिया)। भाकपा(माले) जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान के नेतृत्व में चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र में 50 घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल शुरू हो गई। इस हड़ताल का उद्देश्य वन विभाग की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाना और आदिवासी, बनवासी, दलित एवं गरीब ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा करना है।
हड़ताल में शामिल लोगों ने गणवा, जंगलचूड़िया (पुरानाडीह), केवला खांड, बिहड़ी, दाउदपुर केराडीह, सपही, करनी, समपुरवा, शेरपुर रसिया, मूसाखांड और बनगांवा सहित कई गांवों में वन विभाग द्वारा जमीन उजाड़ने और गड्ढा खोदने की धमकियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने वनाधिकार कानून के तहत कब्जे वाली जमीनों का पट्टा देने, बैराठ फॉर्म की अतिरिक्त घोषित जमीन दलित और गरीबों में बांटने, शेरपुर रसिया में बने बनवासियों के नाम कुटुंब रजिस्टर में दर्ज करने, अंबेडकर पार्क के लिए जमीन आवंटन और अन्य स्थानीय विकास कार्यों की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए कामरेड अनिल पासवान ने कहा कि चकिया, शहाबगंज और नौगढ़ तहसील के जंगल- पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासी और बनवासी समुदाय दशकों से खेती और घर बनाकर रहते आए हैं, लेकिन वन विभाग लगातार उन्हें बेदखल करने की धमकी दे रहा है। उन्होंने वन दरोगा राम आशीष के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की, जिन्होंने भाकपा(माले) जिला कमेटी सदस्य रामबचन वनवासी के साथ गाली-गलौज की थी।
कामरेड पासवान ने कहा कि प्रदेश सरकार के वन विभाग के बुलडोजर लगातार परंपरागत निवासियों पर चला रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के चार नए श्रम कोड और मनरेगा के अधिकारों में कटौती पर भी नाराजगी जताई। इस भूख हड़ताल में कामरेड रामबचन वनवासी, आरवाईए जिला कौंसिल सदस्य सुनैना कुमारी, एपवा नेत्री पार्वती वनवासी, प्रेम चौहान, दसरथ राम, सुरेश राम, विक्रमा चौहान, सुदामा राम समेत कुल 9 लोग शामिल हैं। सभा का संचालन भाकपा(माले) राज्य कमेटी सदस्य कामरेड विजई राम ने किया, जबकि अध्यक्षता कामरेड शिवा चौहान ने संभाली।





