हाथरस। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह से परिपूर्ण भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस अलौकिक यात्रा में 3 से 8 वर्ष तक की आयु के 21 नन्हे बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा नगर शिवमय हो उठा।
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ आस्था के प्रमुख केंद्र चौमुखा नाथ मंदिर से हुआ। यात्रा पत्थर वाला बाजार, घंटाघर और हलवाई खाना बाजार से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर नन्हे कांवड़ियों का स्वागत किया।
यात्रा का मुख्य आकर्षण 25 फुट लंबी भव्य कांवड़ रही, जिसे पांच श्रद्धालु कंधे पर लेकर चल रहे थे। आकर्षक सजावट और भक्तिमय वातावरण ने सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे नन्हे शिवभक्तों ने अनुशासन और आस्था का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विवेक कुमार वार्ष्णेय ने किया। निस्वार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल और उनके सहयोगियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में दीपू गुरु, गोलू खंडेलवाल, ध्रुव कोठीवाल, निष्कर्ष गर्ग, अंकुर अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, अरुण खंडेलवाल, बंसल लाइटहाउस, संजीव सैनी, मनोज वैष्णव सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य बच्चों में सांस्कृतिक संस्कार और सामाजिक एकता की भावना विकसित करना है। नगरवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता की कामना की।





