लखनऊ। एस.पी. गोयल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। बैठक में ई-ऑफिस की क्रियाशीलता, खेल अवसंरचना विकास, विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता, आंगनवाड़ी चयन प्रक्रिया तथा पंचायत उत्सव भवन निर्माण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश में ई-ऑफिस व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर सभी तहसीलों एवं ब्लॉक मुख्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपद में ई-ऑफिस की कार्यशीलता की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध हो, कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो तथा फाइलों का संचालन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली से किया जाए।
उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में कर्मचारी पूरे माह ई-ऑफिस पर लॉगिन नहीं कर रहे हैं। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जो कर्मचारी पूरे माह में एक बार भी लॉगिन नहीं करते, उनका वेतन आहरित न किया जाए। खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी मंडलों में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जानी है। इसके लिए अयोध्या, बरेली, आगरा, मिर्जापुर, देवीपाटन मंडल, झांसी, बस्ती, मुरादाबाद, मेरठ एवं अलीगढ़ सहित दस मंडलों में 50 एकड़ उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव खेल विभाग को उपलब्ध कराया जाए। भूमि का चयन मंडल मुख्यालय के अतिरिक्त अन्य जनपद में भी किया जा सकता है, बशर्ते वह मुख्य सड़कों से सुगम रूप से जुड़ा हो।
उन्होंने निर्देशित किया कि स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए तथा उन्हें स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से संबद्ध किया जाए, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें। आगामी दो सप्ताह में उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। विकास खंड स्तर पर निर्माणाधीन ग्रामीण स्टेडियमों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्ण कराने तथा प्रत्येक स्टेडियम में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से प्रशिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यूडायस एवं प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से समीक्षा कर 5 मार्च से पूर्व सभी असंतृप्त मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय एवं परिषदीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उसकी सूचना पोर्टल पर अपलोड कराई जाए।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप चयन कार्यवाही पूर्ण कराई जाए। जिन जनपदों में प्रगति धीमी है, वहां विशेष प्रयास कर समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, खीरी, ललितपुर, मऊ, मेरठ, औरैया, प्रतापगढ़ एवं सिद्धार्थनगर सहित 11 जनपदों में चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
पंचायत उत्सव भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने बरेली जनपद में कार्य प्रारंभ होने पर बधाई दी और शेष जनपदों में भी शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। जिन 27 जनपदों में निविदा प्रक्रिया प्रचलित है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कर कार्य आरंभ कराया जाए। शेष 44 जनपदों को अगले दो दिनों में टेंडर प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में लीना जोहरी (अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण), अनिल कुमार (प्रमुख सचिव, पंचायतीराज), मोनिका रानी (महानिदेशक, स्कूल शिक्षा), सरनीत कौर ब्रोका (निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





