रायबरेली। उत्तर मध्य रेलवे ने 22 मार्च 2026 को प्रयागराज–कानपुर रेल सेक्शन (190 रूट किलोमीटर) पर ‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। इस प्रणाली को औपचारिक रूप से ट्रेन संख्या 14163 के माध्यम से लागू किया गया। इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एन.पी. सिंह ने ट्रेन में सवार होकर सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक ‘फुटप्लेट निरीक्षण’ कर कवच प्रणाली के प्रदर्शन का आकलन किया। प्रथम चरण में इस मार्ग पर संचालित आठ जोड़ी ट्रेनों—14113/14114, 14163/14164, 12307/12308, 12417/12418, 22437/22438, 15003/15004, 20433/20434 और 12403/12404—में ‘कवच’ लागू किया जाएगा। इसके बाद अन्य ट्रेनों और ‘वंदे भारत’ ट्रेनों को भी चरणबद्ध तरीके से इसमें शामिल किया जाएगा।
यह पहल भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण सेक्शनों में 160 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेन संचालन, सुरक्षा में वृद्धि और परिचालन दक्षता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रणाली लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण किए गए, जिनमें WAP-7 लोकोमोटिव के साथ 8, 16 और 22 एलएचबी कोच वाली संरचनाएं तथा 20 कोच वाली ‘वंदे भारत’ रेक शामिल रही। इसके अलावा ट्रेन संख्या 15003/15004 (चौरी-चौरा एक्सप्रेस) के माध्यम से यात्री परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए। 20,000 किलोमीटर से अधिक ट्रायल रन में प्रणाली का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया।
‘कवच’ एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जो सिग्नल पासिंग डेंजर (SPAD) को रोकने, मानवीय त्रुटि की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाने और टक्कर से बचाव जैसी सुविधाएं प्रदान करती है। यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित स्वदेशी तकनीक है। यह उपलब्धि प्रधान मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन टीम के समन्वित प्रयासों से संभव हुई। उत्तर मध्य रेलवे ने कहा कि वह आधुनिक सुरक्षा तकनीकों को अपनाने और रेलवे संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल सेवाएं मिल सकें। अगले चरण में ‘मिशन रफ्तार’ के तहत गाजियाबाद–टुंडला रेल सेक्शन पर ‘कवच’ प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाई जा सके।





