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हजरत अब्बास की याद में नम हुईं आंखें, आठवीं मुहर्रम पर अकीदतमंदों ने की नजर-हाजिरी

रायबरेली। ऊंचाहार में बुधवार को आठवीं मुहर्रम के अवसर पर हजरत अब्बास की शहादत और वफादारी को याद करते हुए विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। इस दौरान विभिन्न परिवारों में नजर-हाजिरी की रस्म अदा की गई और हजरत अब्बास के अलम का जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। आठवीं मुहर्रम को कर्बला के महान योद्धा हजरत अब्बास की बहादुरी, त्याग और हजरत इमाम हुसैन के कुनबे के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को याद किया जाता है। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि हजरत अब्बास ने कर्बला में कठिन परिस्थितियों के बीच अद्वितीय साहस का परिचय दिया और अपने परिवार व धर्म के प्रति समर्पण की मिसाल कायम की।

नगर में पूर्व में दिवंगत हो चुके जहीन हैदर, नसीर मियां, वजीर हैदर, आफताब हैदर और नजमुल हसन के यहां विशेष नजर-हाजिरी की रस्में संपन्न हुईं। वहीं, अली मुक्तदा के अजाखाने में आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना अली मोहम्मद ने हजरत अब्बास की वफादारी और कुर्बानी पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने बयान में पढ़ा, “नामे अब्बास को तकदीरे वफा कहते हैं, वो वफाओं का खुदा है तो खुदा कहते हैं।” यह सुनकर मौजूद अज़ादार भावुक हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं। मौलाना ने कहा कि हजरत अब्बास की शहादत ने कर्बला की धरती को हिला दिया था और आज भी पूरी दुनिया उनकी बहादुरी और वफादारी को श्रद्धा के साथ याद करती है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में असरफ हुसैन असद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर रज़ा हुसैन (सलमान), सिबतैन अब्बास, इरफान अब्बास, वफा अब्बास, शोएब हैदर, समीर हैदर, नाजिर हैदर, मुश्ताक हुसैन, नासिर हैदर, डॉ. नैय्यर, ताबिश हैदर, मसर्रत नकवी, मसरूर हैदर, शाजू नकवी, अनवर हुसैन, सरकार नकवी, मशद हसन, हम्जा, अमन मेहंदी, सैफ मेहंदी, हैदर अब्बास, अता हैदर, फरमान हैदर, काशिफ नकवी, तुराब नकवी और सुहैल सज्जाद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंजुमन-ए-नकविया के जनरल सेक्रेटरी ने दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं, पुलिस प्रशासन और टाउन एरिया प्रशासन का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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