लखनऊ/रायबरेली। मऊ जनपद में नाबालिग किशोरियों के गर्भपात से जुड़े एक स्टिंग ऑपरेशन की मीडिया रिपोर्ट का उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया है। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं तथा एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन पांच अस्पतालों में डमी मरीज के माध्यम से किया गया था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ मेडिकल स्टोरों पर बिना चिकित्सकीय परामर्श के गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल मरीजों के स्वास्थ्य और हितों के लिए नुकसानदायक हैं, बल्कि चिकित्सा विभाग की साख को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फर्जी बैंक गारंटी मामले में भी जताई नाराजगी
इस बीच, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर करोड़ों रुपये के दवा ठेके दिए जाने के मामले में जांच रिपोर्ट में हो रही देरी पर भी उपमुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जांच आख्या को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक धन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।





