हरिद्वार। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, हरिद्वार के प्रतिनिधि मंडल ने आज खन्ना नगर स्थित कार्यालय पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से शिष्टाचार भेंट की और शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अश्वनी चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री हेमेंद्र चौहान, जिला कोषाध्यक्ष अरविंद शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
भेंट के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने कैबिनेट मंत्री को उनके दायित्व ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा प्रदेश के शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। जिलाध्यक्ष अश्वनी चौहान ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली शिक्षक एवं कर्मचारी वर्ग की लंबे समय से लंबित प्रमुख मांग है, जो उनके भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने वर्तमान नई पेंशन प्रणाली में व्याप्त अनिश्चितताओं का उल्लेख करते हुए पुरानी पेंशन को पुनः लागू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला महामंत्री हेमेंद्र चौहान ने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता को अनुचित बताते हुए कहा कि यह निर्णय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि उस समय की नियुक्तियां पूर्णतः वैध चयन प्रक्रिया के अंतर्गत हुई थीं। उन्होंने सरकार से इस अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की, जिससे शिक्षकों में व्याप्त असंतोष दूर हो सके।
जिला कोषाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने प्रदेश के राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अभाव की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इसके कारण विद्यालयों में स्वच्छता, रख-रखाव और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। साथ ही शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में समय देना पड़ता है, जिससे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी विद्यालयों में आवश्यकतानुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की।
प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश तदर्थ समिति सदस्य मुकेश चौहान, उपाध्यक्ष अमरीश वर्मा, संजय वत्स, राजीव शर्मा, वीर सिंह पंवार, दिनेश बड़वाल, सुमित कुमार, राकेश पंवार, हरेंद्र चौहान, पुष्पेंद्र कुमार, पंकज कुमार, पवन धारीवाल, कुबेर दत्त शर्मा, सुमित चौहान, पंकज चौहान, यादो राम सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा व्यक्त की।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन विषयों पर सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में शिक्षा मंत्री के साथ एसोसिएशन की वार्ता शीघ्र तय कराई जाएगी, ताकि शिक्षक हितों के मुद्दों पर प्रभावी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
संघ के प्रतिनिधि मंडल ने आशा व्यक्त की कि सरकार शिक्षक समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनेगी।





