फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ द्वारा एक अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाया गया। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 2004-2005 में इसी दिन पेंशन बंद करने का आदेश पारित किया गया था। विकास भवन प्रांगण में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेंशन बहाल किए जाने की मांग की। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि एक अप्रैल को सामाजिक सुरक्षा के हनन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के नेता जितनी बार जीतते हैं, उतनी बार पेंशन प्राप्त करते हैं, जबकि एक कर्मचारी अपना पूरा जीवन खपा देने के बाद भी सरकार की नजरों में पेंशन का हकदार नहीं है। यह सरकार का दोहरा रवैया क्षोभपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पूर्णतया एनपीएस को खारिज कर ओपीएस को लागू नहीं करेगी, तब तक यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। कार्यक्रम में दर्शन सिंह यादव, विजेंद्र सिंह, राजकुमार, अनिल कुमार, प्रमोद कुमार, शिवा मैसी, योगेश चंद्र यादव, रजनीश कुमार, ऋषिकांत यादव, शिवकुमार, सुनील कुमार, सचिन कुमार, सर्वेश कुमार, संदीप कुमार, संदीप दीक्षित, संदीप यादव, राकेश कुमार, जगबीर सिंह, रणदीप यादव, नीरज पाल, राकेश प्रताप, विवेक मिश्रा, रघुवीर, वीरेंद्र कुमार, महिपाल, कुमार गौरव, देवेंद्र, संदीप गोस्वामी आदि मौजूद रहे।





