लखनऊ। लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कुमार घोष ने जनपद प्रतापगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पट्टी में मरीज से अवैध रूप से ब्लड टेस्ट बाहर कराने और पैसे मांगने के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। अपर मुख्य सचिव ने मामले की तत्काल जांच के निर्देश देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) प्रतापगढ़ को 24 घंटे के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ शिष्ट और संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा किसी भी प्रकार का अवैध शुल्क या अनुचित मांग न की जाए। अमित कुमार घोष ने कहा कि किसी भी स्तर पर मरीजों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के अनुपालन में सीएमओ प्रतापगढ़ द्वारा संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस के अनुसार चिकित्सक को दो दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। साथ ही अग्रिम आदेशों तक संबंधित चिकित्सक का आधा वेतन अवरुद्ध कर दिया गया है।
मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.एन. राय और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम भार्गव शामिल हैं। शिकायत के अनुसार 8 अप्रैल 2026 को ग्राम उपाध्यायपुर, तहसील पट्टी निवासी अजीत कुमार मिश्रा अपने पिता दया शंकर मिश्रा को उपचार के लिए सीएचसी पट्टी लेकर गए थे। आरोप है कि वहां तैनात चिकित्सक डॉ. अखिलेश जायसवाल ने अस्पताल की उपलब्ध सुविधाओं के बजाय बाहरी व्यक्तियों से अपने कक्ष में ही रक्त नमूना लेकर जांच बाहर भेजी और इसके लिए ₹2000 की मांग की गई, जो शासकीय अस्पताल में पूरी तरह अवैध है। शिकायतकर्ता के अनुसार वीडियो बनाने का प्रयास करने पर चिकित्सक द्वारा दुर्व्यवहार भी किया गया। मामले की जांच जारी है।







