लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विभागों की 31 परियोजनाओं के लिए 410 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। मुख्य सचिव ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को अनुमोदन देते हुए उनके शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारें, जिससे राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उन्होंने असमय आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पूर्ण तैयारी रखने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही बेमौसम बारिश से फसल क्षति झेल रहे किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
स्वीकृत परियोजनाओं में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए 34.75 करोड़ रुपये, अयोध्या में बाढ़ शरणालय निर्माण के लिए 0.1931 करोड़ रुपये तथा वाराणसी के घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर निर्माण के लिए 5.28 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित 44 जनपदों की तहसीलों में रबराइज्ड मोटर बोट खरीदने के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विद्यालयों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, आमजन को जागरूक करने और ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने के लिए 43.45 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई। डूबने से होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से ‘बाल तरणवीर’ कार्यक्रम के लिए 7.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त नगर निगम कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए 5.18 करोड़ रुपये, नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण हेतु 14.62 करोड़ रुपये तथा होमगार्ड्स को आपदा स्थितियों में बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने के लिए 8.23 करोड़ रुपये की योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक की शुरुआत में प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू. ने आपदा प्रबंधन से संबंधित 31 परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।



