कमल नैन नारंग: लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी को फ्लैग ऑफ किया। उन्होंने इसे केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता का आधार टीमवर्क, ईमानदारी और कृतज्ञता है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि “बिगाड़ने वाले बहुत मिलेंगे, लेकिन बनाने वाले कम”, इसलिए हर कर्मचारी को संगठन को परिवार की तरह समझकर कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने टाटा ग्रुप की कार्यसंस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि यह समूह भरोसे और गुणवत्ता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि टाटा केवल एक ब्रांड नहीं बल्कि देश के करोड़ों लोगों का अनुभव और विश्वास है, जिसने घड़ी से लेकर जहाज निर्माण तक और स्टील से लेकर सॉफ्टवेयर तक हर क्षेत्र में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश और उद्योग के लिए एक मजबूत केंद्र बन रहा है। बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के कारण राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का बड़ा विस्तार हुआ है और एयर कनेक्टिविटी भी तेजी से बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की “ऐतिहासिक उड़ान का लॉन्च पैड” है। उन्होंने कहा कि राज्य की 25 करोड़ आबादी और बड़ी युवा शक्ति को स्किल और टेक्नोलॉजी से जोड़कर इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे संभावनाशील औद्योगिक राज्यों में से एक है और आने वाले वर्षों में यहां टाटा समूह का निवेश और विस्तार दोगुना से अधिक होगा।
फ्लैग ऑफ के बाद मुख्यमंत्री ने बस में सवारी भी की और पूरे प्लांट का निरीक्षण कर उत्पादन प्रक्रिया और तकनीक को समझा। कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, टाटा ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





