नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण बिल से जुड़े हालिया घटनाक्रम को “लोकतंत्र की बड़ी जीत” करार देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार की संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिशों को विफल कर दिया। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि संसद का सत्र चुनावों के बीच जल्दबाजी में बुलाया गया और बिल का मसौदा केवल एक दिन पहले सामने रखा गया। उनके मुताबिक, यह एक “सोची-समझी रणनीति” थी, जिसमें सरकार को हर स्थिति में राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद थी—चाहे बिल पास हो या न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे तुरंत लागू करने का समर्थक है। प्रियंका गांधी के अनुसार, असली विवाद महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन (Delimitation) का है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण के जरिए राजनीतिक फायदा लेना चाहती है। सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि महिलाओं के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की जा रही है। उन्होंने उन्नाव, हाथरस, मणिपुर और महिला खिलाड़ियों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार सच में महिलाओं की चिंता करती, तो इन मामलों में ठोस कार्रवाई दिखाई देती।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष 543 मौजूदा लोकसभा सीटों पर ही 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए तैयार है और 2023 में पारित बिल को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक हल्का पल भी देखने को मिला, जब प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा, “पति का जन्मदिन है, थोड़ा शॉर्ट रखिए,” जिससे माहौल कुछ देर के लिए सहज हो गया।
- Pic & story by Kamal Nain Narang





