लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जनगणना-2027 की तैयारियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का कार्य 22 मई से 20 जून 2026 के बीच किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इससे पहले एनुमरेटर्स और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण हर हाल में पूर्ण किया जाए। प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स के शेष कार्य अगले दो दिनों में पूरे करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाए। नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन गणना भरने (सेल्फ एनुमरेशन) की सुविधा दी जाएगी, जो 7 मई से 21 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए छोटे वीडियो, पिक्चर कोलाज और जिला-विशेष हैशटैग के उपयोग की बात कही। जिला एवं मंडल स्तर पर व्हाट्सएप समूह बनाकर समन्वय और समस्या समाधान तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने जिला जनगणना सेल को कंट्रोल रूम के रूप में सक्रिय करने, शहरी क्षेत्रों में सेल्फ एनुमरेशन को बढ़ावा देने तथा कम भागीदारी वाले क्षेत्रों में हेल्पलाइन स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में गो-आश्रय स्थलों के सुदृढ़ संचालन, भूसा संग्रहण, स्थायी भूसा बैंक स्थापना, चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने और नेपियर घास की बुवाई पर भी जोर दिया गया। गर्मी को देखते हुए गो-आश्रय स्थलों पर पेयजल, छाया और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को हीट एक्शन प्लान तैयार करने और सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हीटवेव को राज्य आपदा घोषित किया गया है, इसलिए जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 7 मई से 21 मई तक लोग ऑनलाइन सेल्फ एनुमरेशन कर सकेंगे। प्रशिक्षण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और लाखों एनुमरेटर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है। बैठक में संबंधित वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





