रायबरेली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) चिकित्सालय द्वारा 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “पोषण पखवाड़ा” का आयोजन किया गया। पखवाड़े का समापन आरेडिका के महाप्रबंधक रामन कृष्णन की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। पोषण पखवाड़े का शुभारंभ महिला कल्याण संगठन की तत्कालीन अध्यक्षा डॉ. अंजना खरे के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर आहार विशेषज्ञ डॉ. भूमिका सिंह ने “आहार से संबंधित प्रचलित भ्रांतियां” विषय पर व्याख्यान देते हुए महिला कर्मचारियों एवं संगठन की सदस्यों को जागरूक किया। साथ ही गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को संतुलित आहार और शिशु देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।
पखवाड़े के दौरान ज्ञानदा बाल मंदिर परिसर में बच्चों के मस्तिष्क विकास से संबंधित खेल आयोजित किए गए। केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों के लिए पोषण विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई। इसके अलावा अभिभावकों को स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए आरेडिका चिकित्सालय में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवधि में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को योग एवं प्राणायाम के महत्व से अवगत कराया गया। “स्वस्थ शिशु आहार प्रतियोगिता” के माध्यम से माताओं को बच्चों के पूरक आहार के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया।
समापन अवसर पर आरेडिका चिकित्सालय ने वेलसन मेडिसिटी हॉस्पिटल के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया, जिसमें 162 मरीजों की जांच की गई। विश्व लिवर दिवस के अवसर पर 86 मरीजों की बीएमडी जांच और 56 मरीजों की फाइब्रोस्कैन जांच भी की गई, जिससे उन्हें अपने लिवर की स्थिति की जानकारी मिली। कार्यक्रम में भारत स्काउट एवं गाइड के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संतुलित आहार और स्क्रीन टाइम कम करने का संदेश दिया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव सक्सेना ने स्वस्थ हृदय और मानसिक तनाव नियंत्रण के उपाय भी बताए।
अंत में महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और चिकित्सालय के कार्यों की सराहना की। इस मौके पर प्रधान मुख्य चिकित्सा अधिकारी आभा जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, यूनियन प्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने दी।





