फिरोजाबाद। सुहागनगरी के चूड़ी उद्योग में पोट भट्ठी मजदूरों ने मजदूरी और कार्य अवधि को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कई कारखानों में काम बंद कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार उन्हें प्रतिदिन 750 रुपये मजदूरी मिलनी चाहिए, लेकिन फैक्ट्री संचालक केवल 500 रुपये प्रतिदिन भुगतान कर रहे हैं। साथ ही आठ घंटे के बजाय दस घंटे तक काम कराया जा रहा है। मजदूरों के विरोध के चलते शहर के अमृत ग्लास, आरएस ग्लास, भूरे खां ग्लास समेत आधा दर्जन चूड़ी कारखानों में उत्पादन ठप हो गया। बड़ी संख्या में मजदूर फैक्ट्रियों के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर सीओ सिटी प्रवीन तिवारी कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मजदूरों और फैक्ट्री संचालकों से वार्ता कर माहौल शांत कराने का प्रयास शुरू किया। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच 500 रुपये प्रतिदिन मजदूरी में परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
वहीं फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि चूड़ी उद्योग पहले से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, ऐसे में मजदूरी बढ़ाना आसान नहीं है। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से चूड़ी उद्योग का उत्पादन प्रभावित हो गया है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।





