राजीव रंजन नाग: नई दिल्ली। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार (14 मई) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पलटवार किया। BJP ने राहुल गांधी के यात्रा खर्चों पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों की नियमित घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की फंडिंग के स्रोत पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने RSS और उससे जुड़ी 2,500 से ज़्यादा संस्थाओं के नेटवर्क के “सार्वजनिक ऑडिट” की भी मांग की है।
X पर एक पोस्ट में खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीति में आने से पहले के यात्रा इतिहास पर भी सवाल उठाए। खड़गे ने लिखा, “जब मोदीजी खुद को ‘फकीर’ और RSS प्रचारक बताते थे, तब उन्होंने कथित तौर पर 14 से ज़्यादा देशों की यात्रा की थी, जिनमें अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, गुयाना, कनाडा, मलेशिया और फ्रांस शामिल हैं।”
“इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया था? क्या इसकी फंडिंग RSS ने की थी, जिसे एक कथित ‘गैर-पंजीकृत NGO’ कहा जाता है?”
उन्होंने RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबले की हाल की विदेश यात्राओं का भी ज़िक्र किया। खड़गे ने पूछा, “श्री होसबले ने भी हाल ही में ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। इन यात्राओं की फंडिंग किसने की? यात्रा, रहने, लॉजिस्टिक्स और जनसंपर्क का खर्च किसने उठाया?”
इसके अलावा, कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि RSS — जिसे उन्होंने “दुनिया का सबसे बड़ा गैर-पंजीकृत संगठन” बताया, जिसका वित्तीय, राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव बहुत ज़्यादा है — अपने आलीशान फाइव-स्टार दफ्तरों का खर्च कैसे उठाता है और अपने वैश्विक जनसंपर्क तथा विदेशी लॉबिंग के लिए पैसे कहाँ से लाता है।
खड़गे ने कहा, “इससे पहले कि भाजपा सांसद और उनके IT-सेल के ‘कुली’ राहुल गांधी के यात्रा खर्चों का ब्योरा मांगें, उन्हें पहले RSS के बारे में बुनियादी सवालों के जवाब देने चाहिए।”
उन्होंने RSS और उससे जुड़ी 2,500 से ज़्यादा संस्थाओं के नेटवर्क के पूर्ण सार्वजनिक ऑडिट की मांग की, “जिनके ज़रिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है।”
उन्होंने यह भी पूछा कि RSS इनकम टैक्स देना कब शुरू करेगा या अपने चंदे का ब्योरा सार्वजनिक कब करेगा। उन्होंने कहा, “इसके बाद ही उन्हें किसी को निजी यात्रा खर्चों के बारे में उपदेश देना चाहिए।”





