चंदौली। चकिया नगर पंचायत क्षेत्र के मुहम्मदाबाद पुल के पास स्थित कृभको खाद गोदाम पर किसानों से खाद के साथ जबरन जैविक खाद का पैकेट खरीदने का आरोप लगाते हुए किसानों और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने तहसीलदार चकिया को ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की। किसानों का आरोप है कि गोदाम प्रभारी द्वारा प्रत्येक खाद की बोरी के साथ 150 रुपये मूल्य का जैविक खाद का पैकेट लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यदि कोई किसान आर्थिक तंगी या आवश्यकता न होने के कारण जैविक खाद का पैकेट लेने से मना करता है, तो उसे खाद उपलब्ध कराने में हीलाहवाली की जाती है।
मामले की जानकारी मिलने पर अखिल भारतीय किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में किसान सभा के कार्यकर्ता और किसान गोदाम पहुंचे तथा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए किसानों ने कथित मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई।
किसानों ने बताया कि यूरिया 270 रुपये तथा डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरी के निर्धारित मूल्य पर मिलने के बावजूद जैविक खाद के पैकेट के नाम पर अतिरिक्त 150 रुपये की वसूली की जा रही है। किसान सभा के नेताओं का कहना है कि यह व्यवस्था किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही है। जिला मंत्री लालचंद सिंह ने बताया कि शिकायत की सत्यता सामने आने के बाद किसानों के साथ मिलकर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने दावा किया कि मौके पर कई किसानों को जबरन दिए गए जैविक खाद के पैकेट वापस कराए गए। इसके बाद जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार चकिया को सौंपकर मामले की जांच और इस प्रकार की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की गई।
इस दौरान किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने खरीफ फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की लागत के अनुरूप एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। विरोध स्वरूप कार्यकर्ताओं ने एमएसपी से संबंधित प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। किसान सभा के नेताओं ने मांग की कि किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागत मूल्य (सी-2) पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर फसलों का समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाए। प्रदर्शन में राजेंद्र यादव, भृगुनाथ विश्वकर्मा, चंदन कुमार, छोटेलाल, शत्रुघ्न चौहान, नंदलाल, लालजी, रामलोचन, चंद्रिका, वीरेंद्र मौर्य, शिवलोचन सहित अन्य किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।





