रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष तथा उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने एवं उद्यान विभाग के स्वर्णिम 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय, कठवारा, हरचंदपुर में मण्डलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा लखनऊ, अयोध्या और प्रयागराज मंडल के नौ जनपदों से आए किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रत्येक किसान तक पहुंचाना है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ फल, फूल, सब्जी, सुगंधित एवं औषधीय फसलों की खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि औद्यानिक फसलों से अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। मंत्री ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से उद्यानिकी क्षेत्र में आधारभूत संरचना और सुविधाओं के विकास में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। गोष्ठी में उद्यान विभाग की 19.43 करोड़ रुपये तथा मंडी विभाग की 28.10 करोड़ रुपये की लागत से कुल 47.54 करोड़ रुपये की 60 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही औद्यानिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 कृषकों को सम्मानित किया गया तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत विभिन्न जनपदों के 10 लाभार्थी उद्यमियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सब्जी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूज, शिमला मिर्च, दूध और गन्ना उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के अंतर्गत प्रदेश में 3.50 लाख से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, पूर्व विधायक राकेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता, निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं लगभग चार हजार किसान उपस्थित रहे।





