अमेठी। अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने अयोध्या में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को श्रीरामलला के दर्शन से रोके जाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और आस्था से जुड़े अधिकारों का हनन है। सांसद ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल प्रभु श्रीरामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचा था, लेकिन पहले उन्हें होटल परिसर में घंटों रोके रखा गया। इसके बाद आगे बढ़ने से रोकते हुए अधिकारियों से वार्ता का हवाला दिया गया और अंत में दर्शन की अनुमति देने के बजाय पुलिस ने सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बसों में बैठाकर सुरक्षा घेरे में अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचा दिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाले घटनाक्रम और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार जनप्रतिनिधियों को ही श्रीरामलला के दर्शन से क्यों रोक रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके दर्शन करना प्रत्येक श्रद्धालु का अधिकार है। किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि सत्ता के बल पर लोगों के कदम रोके जा सकते हैं, लेकिन उनकी आस्था नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल दोबारा अयोध्या आएगा और श्रीरामलला के दर्शन अवश्य करेगा। सांसद ने सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा राजनीतिक दुर्भावना से ऊपर उठकर रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।



