• Home
  • लखनऊ
  • 100 दिनों में 31 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 1.85 लाख नए मरीजों की पहचान

100 दिनों में 31 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 1.85 लाख नए मरीजों की पहचान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत 31 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर 1.85 लाख नए टीबी मरीजों की पहचान करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अभियान के दौरान 91 प्रतिशत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को कवर किया गया, जबकि 52 हजार ऐसे मरीजों की भी पहचान हुई, जिनमें टीबी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने गुरुवार को अभियान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के नेतृत्व में संचालित इस अभियान ने टीबी उन्मूलन की दिशा में प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित रणनीति, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से टीबी जैसे गंभीर रोग पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।

अभियान के दौरान प्रदेशभर में 25,821 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 31 लाख से अधिक लोगों की टीबी जांच और स्क्रीनिंग की गई। पूर्व में चिन्हित 26 हजार से अधिक उच्च जोखिम वाले गांवों और वार्डों में से 24 हजार से अधिक क्षेत्रों को कवर किया गया, जो लगभग 91 प्रतिशत कवरेज है। अभियान के तहत 39.44 लाख उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया। इनमें से 29.55 लाख लोगों का चेस्ट एक्स-रे तथा एक हजार से अधिक एक्स-रे मशीनों और एक हजार से अधिक नैट मशीनों की सहायता से 8.24 लाख से अधिक मॉलिक्यूलर जांचें की गईं। इसके परिणामस्वरूप 1.85 लाख नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार शुरू कराया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान में 52 हजार ऐसे मरीज भी चिन्हित किए गए, जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। कुल अधिसूचित मरीजों में 91 प्रतिशत का नैट परीक्षण कराया गया, जबकि 1.16 लाख मरीजों को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के तहत विशेष सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 1.89 लाख पात्र पारिवारिक संपर्कों और 10 हजार से अधिक अन्य उच्च जोखिम वाले लोगों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट दिया गया। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए नौ हजार से अधिक विद्यालयों, पांच हजार महाविद्यालयों, नगरीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न विभागों ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही प्रिंट, सोशल मीडिया और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाई गई।

पोषण सहायता के लिए पांच हजार से अधिक नए निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया, जिनके सहयोग से 2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी गति और सहयोग के साथ उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन लक्ष्य को समय से पहले प्राप्त करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top