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लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के पास बनेगा डायग्नोस्टिक सेंटर

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभिन्न विभागों से प्राप्त नई परियोजनाओं के प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया। बैठक में लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर के निकट श्री खाटू श्याम मंदिर के सामने प्राधिकरण की रिक्त भूमि पर डायग्नोस्टिक सेंटर के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव को भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए। प्रस्तावित डायग्नोस्टिक सेंटर को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से संबद्ध किया जाएगा, जो इसके संचालन, तकनीकी पर्यवेक्षण और चिकित्सकीय सहयोग की जिम्मेदारी निभाएगा।

मुख्य सचिव ने मेरठ के राजकीय इंटर कॉलेज फलावदा एवं एक अन्य राजकीय इंटर कॉलेज में 30 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण कार्यों का जिला स्तरीय तकनीकी समिति से मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किए गए और शेष कार्यों के आधार पर परियोजनाओं का संबंधित विभागों को हस्तांतरण किया जाए तथा आवश्यक शेष कार्य विभागीय बजट से पूरा कराया जाए। उन्होंने न्यायालयों में लंबित वादों अथवा स्थानीय विवादों के कारण प्रभावित परियोजनाओं के शीघ्र निस्तारण के लिए जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार भूमि विनिमय सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, उनका तत्काल संबंधित विभागों को हस्तांतरण किया जाए। लंबित उपभोग प्रमाण पत्र (यूसी) कार्यदायी संस्थाओं और जिलाधिकारियों के समन्वय से शीघ्र प्राप्त किए जाएं। उन्होंने निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरा कराने और लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं का शीघ्र उद्घाटन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्राप्त 490.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 71 विकास प्रस्तावों को भी समिति ने स्वीकृति प्रदान की। मुख्य सचिव ने सभी स्वीकृत प्रस्तावों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार ने बताया कि वर्तमान में केवल 32 परियोजनाएं लंबित हैं, जिन्हें इसी वर्ष पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि विभाग ने पिछले एक वर्ष में 89 प्रतिशत उपभोग प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेज दिए हैं तथा प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 40 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार हैं। बैठक में गाजीपुर के विधायक बेदी राम, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा डॉ. हरि ओम, प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, सचिव खेल सुहास एल.वाई., निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण शीलधार सिंह यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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