रायबरेली। एम्स रायबरेली के जनरल सर्जरी विभाग ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए संस्थान में पहली बार चिकित्सीय अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी (Therapeutic Upper GI Endoscopy) के माध्यम से पेट में फंसी आम की गुठली को बिना किसी ऑपरेशन के सफलतापूर्वक निकालकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 53 वर्षीय मरीज आम की लगभग तीन सेंटीमीटर लंबी गुठली गलती से निगलने के बाद लगातार उल्टी की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे। एक्स-रे में गुठली स्पष्ट रूप से दिखाई न देने के कारण चिकित्सकों ने तत्काल अपर जीआई एंडोस्कोपी (UGIE) करने का निर्णय लिया।
एंडोस्कोपी टीम, जिसमें डॉ. अमृतांशु सौरभ, डॉ. प्रणभ कुशवाहा, डॉ. रौनक मेहरोत्रा, डॉ. योगेश श्रीवास्तव, डॉ. शेषनाथ, डॉ. इमजुंग, डॉ. अभयजीत एवं डॉ. हिमांशु शामिल थे, तथा नर्सिंग ऑफिसर सुश्री स्वाति के सहयोग से यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। गुठली को बिना किसी सर्जरी के एंडोस्कोपी के माध्यम से सुरक्षित निकाल लिया गया। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं। जनरल सर्जरी विभाग ने इस उपलब्धि के लिए एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन तथा अपर चिकित्सा अधीक्षक एवं यूनिट हेड डॉ. नीरज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान उन्नत, सुरक्षित एवं न्यूनतम इनवेसिव (Minimally Invasive) उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अपर चिकित्सा अधीक्षक एवं यूनिट हेड डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि विभाग भविष्य में भी उन्नत चिकित्सीय एंडोस्कोपी सेवाओं का विस्तार कर क्षेत्र के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता रहेगा।





