हाथरस। सासनी-अलीगढ़ मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों और राहगीरों को लंबे समय से चली आ रही नारकीय स्थिति से जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या बने मुख्य गंदे नाले में जमा मलबे और सिल्ट की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। शनिवार को स्थानीय वार्ड के सक्रिय सभासद दीपक शर्मा की विशेष पहल पर मौके पर जेसीबी मशीन बुलाकर नाले की गहरी सफाई का अभियान शुरू कराया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सासनी-अलीगढ़ मार्ग से होकर गुजरने वाला यह मुख्य नाला पिछले काफी समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार था। नाले में लंबे समय से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों द्वारा फेंका गया कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक तथा निर्माण कार्यों का मलबा जमा हो चुका था। सिल्ट (मिट्टी) जमा होने के कारण नाले की गहराई लगभग समाप्त हो गई थी और पानी का बहाव पूरी तरह ठप हो गया था।
नाला चोक होने के कारण मामूली बारिश में भी नाले का बदबूदार गंदा पानी उफनकर सड़कों और मुख्य मार्ग पर फैल जाता था। इसके चलते स्थानीय दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा था, वहीं राहगीरों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया था। गंदे पानी के ठहराव के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया था, जिससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी घातक एवं संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ था। स्थानीय लोग लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे। जनता की इस गंभीर और जायज समस्या को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय वार्ड के जुझारू सभासद दीपक शर्मा ने व्यक्तिगत रुचि ली। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से समन्वय स्थापित कर अपने प्रयासों से मौके पर भारी-भरकम जेसीबी मशीन और सफाई कर्मियों की टीम तैनात कराई। जेसीबी की मदद से नाले के भीतर जमे वर्षों पुराने मलबे, सिल्ट और पॉलीथीन को बाहर निकाला जा रहा है, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके।
सभासद दीपक शर्मा ने बताया कि जनता को मूलभूत सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। नाले की पूरी सफाई होने तक यह अभियान जारी रहेगा, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।





