बॉलीवुड अभिनेता दिलीप आर्या रहे मुख्य अतिथि, आयोजन बना चर्चा का विषय
रामकृष्ण अग्रवाल | फतेहपुर
मूल्य और मर्यादा से भरी एक प्रेरणादायक कहानी फतेहपुर के मटिहा गांव से सामने आई है, जहां एक पान की फेरी लगाने वाले साधारण पिता को उनके बच्चों ने मुंबई में एक भव्य और अविस्मरणीय विदाई समारोह के जरिए सम्मानित कर, समाज को एक नई सोच का संदेश दिया। इस अनूठे आयोजन के सूत्रधार बने लक्ष्मी नारायण के सुपुत्र डॉ. विकास चौरसिया, जो एक प्रतिष्ठित मनोरोग विशेषज्ञ और लेखक हैं। उन्होंने अपने भाई आकाश और बहन काजल के साथ मिलकर यह संपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया। आयोजन इतना भावुक और गरिमामय था कि उसमें बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध अभिनेता दिलीप आर्या (वेब सीरीज़ बीहड़ का बागी फेम) अपनी धर्मपत्नी राधिका आर्या के साथ विशेष रूप से शामिल हुए। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यह किसी सेलिब्रिटी या उच्च पदस्थ व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि एक पान बेचने वाले ईमानदार और मेहनती पिता को समर्पित था। यह न केवल उनकी वर्षों की मेहनत का सम्मान था, बल्कि यह भी दिखाता है कि हर पिता, चाहे उसका पेशा कुछ भी हो, अपने परिवार के लिए प्रेरणा होता है और आदर का पात्र है।
डॉ. विकास ने समारोह में कहा,
“हम चाहते थे कि पिता का यह अंतिम कार्यदिवस उनके लिए हमेशा यादगार रहे। यह आयोजन न सिर्फ हमारे प्रेम का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी है कि हर पिता इस तरह की विदाई का हकदार है। हम गर्व महसूस करते हैं कि उन्हें यह सम्मान दे सके।”
इस आयोजन में परिवार के सदस्य, नज़दीकी रिश्तेदार, मित्र और समाज के कई सम्मानित लोग शामिल हुए। छोटे से गांव के बेटे ने जिस तरह से बड़े शहर में यह आयोजन किया, वह केवल एक पारिवारिक विदाई नहीं रही, बल्कि संस्कार, सम्मान और संघर्ष की एक मिसाल बन गई। यह कार्यक्रम यह बताने के लिए काफी है कि कोई भी जीवन, चाहे वह कितना ही साधारण क्यों न हो, प्रेम, आदर और परिवार की भावना से असाधारण बन सकता है।





