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जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने किया पुस्तक मेला का भ्रमण, बच्चों से संवाद कर बढ़ाया उत्साह

रायबरेली। रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज परिसर में चल रहे ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पुस्तक मेला – 2025’ का सातवां दिन साहित्य, सृजन और प्रेरणा का संगम बन गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि, साहित्यकार एवं पूर्व सांसद डॉ. उदय प्रताप सिंह को ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद डॉ. उदय प्रताप सिंह ने ‘आचार्य पथ’ स्मारिका का विमोचन किया, जो आचार्य द्विवेदी के जीवन, विचार और हिंदी साहित्य में उनके योगदान पर आधारित है।
कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रहा “कवि सम्मेलन”, जिसमें दिल्ली से आईं प्रख्यात कवियत्री डॉ. सरिता शर्मा के शब्दों की सुगंध और भावनाओं की गूंज से पूरा परिसर भावविभोर हो गया। उन्होंने मौजूदा समाज की स्थिति पर कई भावुक रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनकी कविता “इस जन्म के पुण्य निष्फल ही रहेंगे, उस जन्म के पाप अपने साथ हैं” ने श्रोताओं का मन मोह लिया।
आचार्य जी के गांव दौलतपुर से आए युवा कवि धीरज मिश्र “शांडिल्य” ने अपनी “एक वृक्ष” कविता से कार्यक्रम में उमंग भर दी।
मेले के सातवें दिन पहली पाली में रायबरेली की जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने भी मेला भ्रमण किया। उन्होंने किताबों के स्टॉलों पर बच्चों से बातचीत की और कहा कि “पुस्तकें जीवन की सबसे सुंदर साथी हैं। पढ़ने की आदत ही व्यक्ति को सोचने और समझने की शक्ति देती है।”
जिलाधिकारी ने आयोजकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में पढ़ने की संस्कृति को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को ज्ञान की ओर प्रेरित करते हैं।
स्मृति न्यास के अध्यक्ष विनोद शुक्ला सहित स्वतंत्र पांडेय, अतुल भार्गव और करुणा शंकर मिश्र ने जिलाधिकारी को पूरे पुस्तक मेले का भ्रमण कराया और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

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