रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) में आज राष्ट्रीय गीत ‘‘वन्दे मातरम्‘‘ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रशासनिक भवन के संगोष्ठी कक्ष में सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी रूपेश श्रीवास्तव ने किया और मार्गदर्शन महाप्रबंधक प्रशान्त कुमार मिश्रा ने प्रदान किया।
सामूहिक गायन में आरेडिका के अधिकारी, कर्मचारी, स्काउट एवं गाइड के सदस्य, सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य, कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि, केंद्रीय विद्यालय और ज्ञानदा बाल मन्दिर के बच्चों सहित शिक्षकों एवं शिक्षकाओं ने भाग लिया।
स्काउट एवं गाइड के बच्चों ने जिला आयुक्त स्काउट एन.के. वर्मा के नेतृत्व में स्काउट एवं गाइड स्थापना दिवस भी मनाया और राष्ट्रीय गीत ‘‘वन्दे मातरम्‘‘ का गायन किया।
ज्ञात हो कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने मातृभूमि की वन्दना के लिए संस्कृत मिश्रित बांग्ला भाषा में ‘‘वन्दे मातरम्‘‘ की रचना की। सन 1882 में यह गीत उनके बांग्ला उपन्यास ‘‘आनंदमठ‘‘ में शामिल हुआ। सन 1896 में कॉन्ग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इसे पहली बार गाया गया और इसके बाद यह गीत देश के स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरणा बन गया। देश की आजादी में इसके योगदान को देखते हुए 24 जनवरी 1950 को ‘‘वन्दे मातरम्‘‘ को राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्रदान किया गया।
आरेडिका के महाप्रबंधक प्रशान्त कुमार मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय गीत ‘‘वन्दे मातरम्‘‘ देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाला गीत था, जिसने भारत वर्ष को राष्ट्र रूपी माला में पिरोकर एकता और अखंडता का संदेश दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी अनिल कुमार यादव, सहायक कार्मिक अधिकारी दीपक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव, सहायक वित्त सलाहकार सुर्हिता खान, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता आदित्य प्रकाश सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। उक्त जानकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी आरेडिका ने दी।
आरेडिका में 150 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रीय गीत ‘‘वन्दे मातरम्‘‘ का सामूहिक गायन





