
Pic & story: कमल नैन नरंग | नई दिल्ली
देश की राजधानी अब भी 10 नवंबर की शाम हुए भयंकर धमाके के सदमे से उबर नहीं पाई है। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी Hyundai i20 कार में हुए जबरदस्त विस्फोट हुआ जिसमें 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई। घायलों का इलाज एलएनजेपी अस्पताल में जारी है। धमाका शाम 6 बजकर 52 मिनट पर हुआ था, जिसकी आवाज़ पुरानी दिल्ली के कई इलाकों तक सुनी गई थी।

NIA की जांच में आतंकी साजिश के गहरे तार
शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि कार में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली है और इसे एक सुनियोजित आतंकी हमला घोषित किया है।
CCTV फुटेज और गिरफ्तारियां
जांच टीमों ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले हैं, जिनसे कई अहम सुराग मिले हैं। दो डॉक्टरों समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क देशभर में फैला एक बड़ा संगठित आतंकी मॉड्यूल है।
डायरियों में मिले कोडवर्ड – ‘शिपमेंट’ और ‘पैकेज’
पुलिस ने आरोपी डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल के ठिकानों से डायरियाँ और दस्तावेज़ बरामद किए हैं। इन डायरियों में 8 से 12 नवंबर की तारीखें दर्ज हैं, जो धमाके की योजना से मेल खाती हैं।
इनमें विस्फोटक सामग्री को “शिपमेंट” और “पैकेज” जैसे कोडवर्ड से संदर्भित किया गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि आतंकी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और कोड भाषा के ज़रिये संपर्क में थे ताकि उनकी गतिविधियाँ गुप्त रहें।

देशभर में सुरक्षा अलर्ट
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। एनआईए, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमें लगातार साक्ष्य जुटा रही हैं ताकि इस साजिश के हर तार तक पहुंचा जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की थी और राहत कार्यों का जायजा लिया था। साथ ही, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट को आतंकी हमला करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। हमले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा, सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है और दोषियों को जल्द सज़ा दिलाई जाएगी।
राजधानी में अब भी लाल किला मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा बनी हुई है। जांच एजेंसियाँ उम्मीद कर रही हैं कि आने वाले दिनों में इस आतंकी मॉड्यूल के सभी सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी पूरी हो जाएगी।





