रायबरेली। शहर के बस स्टेशन मुख्य गेट के सामने स्थित सोनकर परिवार का घर माननीय न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद परिवार पूरी तरह बेघर हो गया, जिससे महिलाओं और बच्चों में गहरा तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। गुरुवार को इस घटना से प्रभावित दो दर्जन से अधिक महिलाएँ अपनी समस्याएँ लेकर धुन्नी सिंह नगर स्थित कार्यालय पहुँचीं। महिलाओं ने बताया कि घर टूटने के बाद से उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है और हालात बेहद कठिन होते जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमला फ़ाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह ने पीड़ित महिलाओं की समस्याएँ विस्तार से सुनीं। उन्होंने तुरंत भोजन सामग्री की व्यवस्था कराई और यह आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने का भरोसा भी दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बेघर हुए परिवारों को तत्काल राहत और पुनर्वास की आवश्यकता है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील की जा रही है कि कठिन समय में इन परिवारों की मदद के लिए आगे आएँ।
बेघर हुए परिवार की मदद के लिये पूनम सिंह ने बढ़ाया हाथ





