हाथरस। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान सासनी के लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे निकट भविष्य में कार्य बहिष्कार सहित व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना दिया और शासन के खिलाफ नारेबाजी की। संघ ने स्पष्ट कहा कि समस्याएँ अनसुनी रहीं तो वे सामूहिक कार्य बहिष्कार करेंगे। साथ ही सरकार के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के आवासों पर प्रदर्शन करने, तथा लखनऊ स्थित राजस्व परिषद और विधानसभा घेराव की भी तैयारी है।
लेखपालों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, समयबद्ध पदोन्नति, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, तथा राजस्व उपनिरीक्षक नियमावली लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि शासन और प्रशासन दोनों स्तरों पर उनकी न्यायपूर्ण मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण उन्हें अत्यधिक कार्यभार और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण स्तर पर वे सरकारी योजनाओं को लागू करने वाले सबसे महत्त्वपूर्ण कार्मिक हैं।
धरने में अरविंद सेंगर, बलवीर सिंह, गौरव चौधरी, सचिन शर्मा, विवेक वाष्णेय, मोहसिन खाँ, जनरल सिंह, अरविंद कुमार, वीरेंद्र वाष्णेय, अमन कुमार, राजेश कुमार, धर्मवीर चौधरी, नरेंद्र सिंह, रिचा वाष्णेय, प्रकाश चंद्र, कु. वर्षा, कु. राखी सहित अनेक लेखपाल मौजूद रहे।
तहसील समाधान दिवस पर लेखपालों का धरना





