हाथरस। जनपद में आयोजित होने वाला सम्पूर्ण समाधान दिवस अब फरियादियों के लिए राहत के बजाय मायूसी का कारण बनता जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर सुबह से तहसीलों में पहुंचते हैं, लेकिन अधिकतर शिकायतों का मौके पर समाधान न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में भी यही स्थिति देखने को मिली। पूरे जनपद की चारों तहसीलों में कुल 153 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से मात्र 8 का ही मौके पर निस्तारण हो सका, जबकि 145 शिकायतों को संबंधित विभागों और अधिकारियों के पास भेज दिया गया। फरियादियों का कहना है कि करीब 95 प्रतिशत शिकायतों का समाधान मौके पर नहीं हो पाता, ऐसे में समाधान दिवस केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
तहसील हाथरस में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
तहसील हाथरस में 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 का मौके पर निस्तारण किया गया। सिकंदराराऊ तहसील में 72 में से 2, सादाबाद में 21 में से 1 तथा सासनी तहसील में 20 में से 3 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका। समाधान दिवस में प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं फरियादियों का कहना है कि यदि शिकायतों का समाधान मौके पर नहीं होगा तो इस व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होता जाएगा।





