अनुपम दुबे: कानपुर देहात। करीब 11 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) हिमांशु कुमार सिंह की अदालत ने दोषी पति को 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया के अनुसार, मंगलपुर थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया घरियाल निवासी रामनारायण उर्फ राजू की पत्नी सुधा की 8 जुलाई 2015 को आग से गंभीर रूप से झुलसने के कारण मृत्यु हो गई थी।
मृतका के पिता, अकारू गांव निवासी कुंवर बहादुर सिंह ने पुलिस में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी पुत्री को उसके पति रामनारायण उर्फ राजू, ससुर किशन सिंह, सास मीरा तथा देवर शीबू और महेश ने आग लगाकर मार डाला। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-प्रथम) हिमांशु कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पति रामनारायण उर्फ राजू को दहेज हत्या का दोषी करार दिया।
न्यायालय ने दोषी को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, अन्य आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।





