केरायगांव में आयोजित हुई किसान गोष्ठी

चन्दौली। शहाबगंज ब्लॉक के अंतर्गत केरायगांव में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की जीत की पाँचवीं वर्षगांठ पर किसान विकास मंच के तत्वावधान में किसान गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने किसान–मजदूरों के विरुद्ध हो रही साजिशों पर विशेष रूप से चर्चा की।
अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि सरकार ने कृषि कानून वापस लेते समय एमएसपी गारंटी कानून बनाने का वादा किया था, लेकिन आज तक वह कानून नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार जो किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून नहीं ला रही, वह किसान विरोधी है और यह किसानों के लिए गंभीर संकट है।
प्रमुख विचारक श्याम बिहारी सिंह ने बताया कि कोरोना काल में ही सरकार ने किसानों के खिलाफ तीन कृषि कानून तथा मजदूरों के खिलाफ चार लेबर कोड पास किए, जो देश के किसान और मजदूरों को विदेशी एवं देशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले करने जैसा था। उन्होंने इसे अमेरिकी साम्राज्यवाद की साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा कि ये कानून भारत की संप्रभुता पर बड़ा हमला थे।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि यदि ये कानून वापस नहीं होते तो किसानों की खेती और खेत दोनों ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में चले जाते। इसलिए किसान विकास मंच ने चन्दौली की धरती पर कृषि कानूनों के विरोध में सबसे अधिक सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सरकार की किसान-विरोधी नीतियों पर सवाल उठाते हुए बताया कि जिन इलाकों में बाढ़ से धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी, वहाँ के किसानों को मात्र 4000 रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया गया, जो जले पर नमक छिड़कने जैसा है। मोथा तूफान के बाद मंच ने 30,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की थी, जिसे सरकार अब तक अनदेखा कर रही है। किसी भी किसान को अब तक मुआवजे की राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। यह रवैया किसानों को पुनः आंदोलन के लिए मजबूर कर रहा है।
सभी वक्ताओं ने किसानों को चेताया कि यदि वे अपने हक और अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हुए तो देश की खेती और खेत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कब्जे में चले जाएंगे।
कार्यक्रम में उपेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, राधेश्याम सिंह, रामदुलार यादव, नरेंद्र सिंह, राजवंश सिंह, तारकेश्वर जायसवाल, रमेश पांडे, भोलानाथ सिंह, अशोक कुमार द्विवेदी, सुरेश मौर्य, भरत यादव, राम अवध यादव, साधू बब्बन सिंह, बृजेश विश्वकर्मा, संत राज यादव, राजेश यादव, मनोज यादव, भीष्म प्रताप यादव, अविनाश यादव, कैलाश राम, चिरंजीव सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनिवास पांडेय ने की एवं संचालन राम अवध सिंह ने किया।





