हाथरस। विद्यापीठ इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशन में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बुधवार को प्रधानाचार्य और विद्यालय के सभी शिक्षकों ने महारानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षकों ने बताया कि महारानी लक्ष्मीबाई ने जीवनभर कष्टों को सहते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। प्रधानाचार्य डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उनके जीवन से साहस, दृढ़ संकल्प, स्वाभिमान और नेतृत्व जैसे अनेक प्रेरणादायक गुण सीखने को मिलते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी निडर होकर आगे बढ़ना और सही समय पर उचित निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षक राजीव कुमार ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में मणिकर्णिका तांबे के रूप में हुआ था। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वे एक प्रमुख योद्धा थीं। बचपन में माता के निधन के बाद उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी जैसी युद्ध कलाओं का प्रशिक्षण हासिल किया। चौदह वर्ष की आयु में उनका विवाह झाँसी के महाराजा गंगाधर राव से हुआ, जिसके बाद उनका नाम लक्ष्मीबाई पड़ा।
कक्षा नौ की छात्राओं ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर भाषण एवं कविताएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में संजय कुमार, राजीव कुमार, भारत सिंह, प्रियंका, विनय कुमार, नीरज गुप्ता, अशोक कुमार, महेंद्र प्रकाश सैनी, मुकेश दिवाकर, हनी वशिष्ठ, सतीश कुमार, यश कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा सहित अनेक छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
विद्यापीठ इंटर कॉलेज में मनाया गया वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन





