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सासनी विद्यापीठ में गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस मनाया गया

हाथरस। सासनी–किला मार्ग स्थित विद्यापीठ इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशन में गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षकों द्वारा गुरु तेग बहादुर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. अग्रवाल ने बताया कि गुरु तेग बहादुर सिख धर्म के नौवें गुरु थे और वीरता व त्याग के अद्भुत प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उनका शहीदी दिवस हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सभी के अधिकारों की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।

शिक्षक राजीव कुमार ने गुरु तेग बहादुर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 1 अप्रैल 1621 को अमृतसर में हुआ था। वे छठे गुरु हरगोबिंद के सबसे छोटे पुत्र थे और तलवारबाजी, घुड़सवारी तथा मार्शल आर्ट में निपुण थे। एक विद्वान, कवि और कुशल योद्धा के रूप में उन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब के धार्मिक अत्याचारों का विरोध किया और हिंदू धर्म की रक्षा हेतु 1675 में अपने प्राणों का बलिदान दिया। इसी कारण उन्हें हिंद दी चादर की उपाधि दी गई।

कार्यक्रम में बताया गया कि गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने आगे चलकर सिखों में खालसा पंथ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। वे 20 मार्च 1664 को सिखों के नौवें गुरु बने और 1675 में शहीद होने तक इस पद पर विराजमान रहे।

इस अवसर पर संजय कुमार, राजीव कुमार, भारत सिंह, विनय कुमार, नीरज गुप्ता, अशोक कुमार, महेंद्र प्रकाश सैनी, मुकेश दिवाकर, हनी वशिष्ठ, सतीश कुमार, यश कुशवाहा सहित अनेक शिक्षक और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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