रायबरेली। आल इंडिया युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के जिला संयोजक डॉ. अमिताभ पाण्डेय एवं युवा जिलाध्यक्ष रोहित सन्तानी के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर पालिका परिषद द्वारा बनाई जा रही जर्जर सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए उ.प्र. के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री एवं प्रमुख सचिव नगर विकास को संबोधित मांग-पत्र जिलाधिकारी रायबरेली को सौंपा। जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए इसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
मांग-पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका परिषद, रायबरेली शहर के विभिन्न मार्गों पर सड़क निर्माण करा रही है, जिसमें गुणवत्ताहीन एवं मानकविहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि सड़कें निर्माण के कुछ समय बाद ही पुनः जर्जर होने लगती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूर्व में बनी सड़कों की जांच कराने से सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
डॉ. अमिताभ पाण्डेय ने बताया कि रामकृपाल तिराहा से मधुबन क्रॉसिंग तक सड़क निर्माण के दौरान कार्यदायी ठेकेदार मानकों का पालन नहीं कर रहा है। गड्ढों में WBM (गिट्टी) नहीं डाली जा रही, साफ-सफाई भी सही तरीके से नहीं हो रही और डामर की सतह भी मानकों के विपरीत बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में रात के समय निर्माण होने से डामर को उचित तापमान नहीं मिलता, जिसके कारण सड़क तीन–चार महीनों में उखड़ने की आशंका है, जिससे राजस्व की भारी क्षति होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं युवा जिलाध्यक्ष रोहित सन्तानी ने कहा कि रोड निर्माण से पूर्व जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई और सीधे डामर बिछा दिया गया, जो पूरी तरह गलत है।
जिला महामंत्री रतनराज सिंह ने बताया कि यह मार्ग शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां कई प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान स्थित हैं। मानकविहीन निर्माण से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल जांच न कराई गई तो व्यापार मंडल सड़क पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन देने वालों में सोनू गुप्ता, किशन श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव, कैफ अख्तर, वकार बाबा, शिवम वर्मा, ओम जी वर्मा, जुबैर खान, करन मोदनवाल, सरदार गगनदीप बग्गा, नमन सिंह सलूजा, देवेश दीक्षित, लकी बाजपेयी, आकाश पाण्डेय, सौरभ तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





