ऊंचाहार, रायबरेली। मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती का पावन अवसर गोकर्ण घाट पर बड़े श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ मनाया गया। दक्षिण वाहिनी मां गंगा और महर्षि गोकर्ण व राजा भगीरथ की तपस्थली माने जाने वाले इस पवित्र स्थल पर मां गंगा गोकर्ण जन कल्याण सेवा समिति द्वारा मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी पर विशेष अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मां गंगा गोकर्ण जनकल्याण सेवा समिति के सचिव एवं जिला गंगा समिति के सक्रिय सदस्य जितेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को श्रीमद् भगवद्गीता का दिव्य उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि गीता का मूल संदेश है—कर्म करते रहो, फल की इच्छा त्याग दो, मोह-माया से मुक्त होकर जीवन जियो और जीत निश्चित है। सभी को गीता का अध्ययन कर निष्काम भाव से कर्म करना चाहिए। श्री द्विवेदी ने यह भी बताया कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा 4 दिसंबर, गुरुवार को है और इसके बाद एक माह तक शुभ कार्य स्थगित रहेंगे। इस अवसर पर अनिल श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज अरखा, लवलेश सिंह, संदीप कुमार, अर्पित कुमार, गजानन शास्त्री, अमित निषाद, अमित सैनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





