रायबरेली। सशस्त्र सेना झंडा दिवस का आयोजन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय द्वारा किया गया, जिसमें जिलाधिकारी हर्षिता माथुर को प्रतीक झंडा लगाया गया। इसके पश्चात उन्होंने स्वैच्छिक दान देकर धन संग्रह अभियान का शुभारम्भ किया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि देश की रक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों, वीर नारियों, अपंग सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु इस राष्ट्रीय अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें और अधिक से अधिक अनुदान दें। सशस्त्र सेना झंडा दिवस भारत की तीनों सेनाओं के वीरगति प्राप्त सैनिकों के परिवारों, युद्ध में घायल अथवा अपंग हुए सैनिकों के समर्थन और युद्धकाल में हुई क्षति की भरपाई के लिए जनता से दान एकत्रित करने का महत्वपूर्ण दिवस है। इसे वर्ष 1949 से प्रति वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान जिला जज अमित पाल सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, अपर जिला जज/सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम शौर्य, सीओ सीटी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रतीक झंडा लगाकर अनुदान एकत्रित किया गया। 66 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने नगर के मुख्य बाजारों और विभिन्न विभागों में जाकर धन संग्रह अभियान में सहयोग किया। इस अभियान को सफल बनाने में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के समस्त स्टाफ तथा जनपद के पूर्व सैनिकों का योगदान सराहनीय रहा।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस : डीएम ने स्वैच्छिक दान देकर धन संग्रह अभियान का किया शुभारम्भ





