अहमदाबाद। भारतीय डाक विभाग ‘डाक सेवा–जन सेवा’ के मूल मंत्र के अनुरूप कार्य करते हुए देश के ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक विश्वसनीय सेवाएँ पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। नवीन तकनीकों और अभिनव पहलों के माध्यम से डाक विभाग समाज के सभी वर्गों तक अपनी व्यापक पहुँच सुनिश्चित कर रहा है। सुरक्षित निवेश विकल्पों और आकर्षक ब्याज दरों के कारण डाकघर की बचत योजनाएँ आज भी आमजन में लोकप्रिय बनी हुई हैं। यह विचार उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किए।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने 15 दिसंबर को ‘मेघदूतम्’ सभाकक्ष, क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद में उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के मंडलाध्यक्षों के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के अब तक के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मेल ऑपरेशंस, पार्सल, अंतरराष्ट्रीय मेल, बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, फिलेटली तथा आधार, पासपोर्ट जैसी नागरिक केंद्रित सेवाओं की श्रेणीवार समीक्षा की गई। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति और व्यवसायिक वृद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न मंडलों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों की प्रस्तुति दी, जिस पर विस्तृत चर्चा और विश्लेषण किया गया। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में वित्तीय समावेशन के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 5.83 लाख नए बचत खाते, 18,600 सुकन्या समृद्धि खाते और 75,000 इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खोले गए हैं। डाक जीवन बीमा में 160 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 34 करोड़ रुपये की प्रीमियम राशि जमा हुई है। पोस्टल ऑपरेशंस के तहत 65 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, 1.97 लाख लोगों ने डाकघरों के माध्यम से आधार सेवाएँ और 42,500 लोगों ने पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से पासपोर्ट बनवाए। इसके अलावा 27,024 पेंशनरों के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट घर बैठे बनाए गए।
पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि उत्तर गुजरात में अब तक 1002 गांवों को ‘सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम’, 691 गांवों को ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ और 227 गांवों को ‘सम्पूर्ण बचत ग्राम’ घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डाक सेवाओं में निरंतर नवाचार हो रहा है और डाकघर आधुनिक सेवाओं एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुविधा प्रदान कर रहे हैं। गुजरात का पहला जेन- Z डाकघर आईआईटी गांधीनगर में प्रारंभ किया गया है, जिसे युवाओं ने काफी सराहा है।
उन्होंने बताया कि एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी के आरंभ होने से डिजिटल भुगतान में वृद्धि हुई है, जो ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘कैशलेस इकोनॉमी’ को बढ़ावा दे रही है। इंडिया पोस्ट और ओएनडीसी मायस्टोर की साझेदारी के तहत पार्सल पैकेजिंग, बुकिंग और डिलीवरी सेवाओं में नई पहल की गई है। अहमदाबाद जीपीओ में छोटे निर्माताओं और सोशल सेलर्स के लिए पायलट आधार पर निःशुल्क वेयरहाउसिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। स्पीड पोस्ट और पार्सल सेवाएँ अब रीयल-टाइम ट्रैकिंग और ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ अधिक सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल बन गई हैं। विद्यार्थियों के लिए ‘ज्ञान पोस्ट सेवा’ के माध्यम से कम लागत पर किताबें और अध्ययन सामग्री भेजने की सुविधा तथा स्पीड पोस्ट पर 10 प्रतिशत विशेष छूट भी दी जा रही है।
बैठक में अहमदाबाद मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक चिराग मेहता, रेल डाक सेवा के प्रवर अधीक्षक पियूष रजक, गांधीनगर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक शिशिर कुमार, अहमदाबाद जीपीओ के सीनियर पोस्टमास्टर अल्पेश आर. शाह, साबरकांठा डाक अधीक्षक मंजुलाबेन पटेल, पाटन डाक अधीक्षक एच. सी. परमार, बनासकांठा डाक अधीक्षक आर. ए. गोस्वामी, सहायक निदेशक वारिस वहोरा, एम. एम. शेख, रितुल गांधी, सहायक अधीक्षक रमेश पटेल, भाविन प्रजापति, डाक निरीक्षक पायल पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





