रायबरेली। स्थानीय रिफार्म फॉर्म क्लब परिसर में आयोजित आध्यात्मिक अनुष्ठान ‘सुनिए कथा रघुनाथ की’ के चौथे दिन रामकथा प्रवाचक गोविंद भाई ने भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का अत्यंत सरस एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम की बाल लीलाओं से माता कौशल्या, भगवान भोलेनाथ और काकभूसुंडी तक आनंदित हुए। जिन जीवात्माओं को प्रभु श्रीराम के साक्षात दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है, वे अत्यंत पुण्यशाली होती हैं, क्योंकि ऐसे दर्शन जन्म-जन्मांतर के पुण्यों के फलस्वरूप ही संभव होते हैं।
गोविंद भाई ने कहा कि जीवन में प्रत्येक मनुष्य को दो चरणों की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। पहला भगवंत के चरण और दूसरा संतों के चरण। भगवंत के चरणों में समर्पित जीवन आवागमन से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त करता है, जबकि संतों की चरण-शरण में रहने वाला व्यक्ति भगवंत की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने कहा कि संसार में प्रत्येक मनुष्य को भगवान राम की तरह माता-पिता और गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए। कलियुग में माता-पिता और गुरु ही साक्षात ईश्वर के स्वरूप हैं और वही हमारे सच्चे मार्गदर्शक हैं। माता-पिता के आशीर्वाद, उनकी शिक्षाओं और उनके मार्गदर्शन से ही जीवन उत्कृष्टता को प्राप्त करता है।
इस अवसर पर आनंद पांडे (पूरनपुर), शैलेंद्र अग्निहोत्री, गौरव मिश्रा, दीपू सिंह, शेखर शुक्ला, विवेक मिश्रा पल्लू, राजन दीक्षित, अभिषेक उपाध्याय, रोहित त्रिपाठी, कमलेश पांडे, राकेश तिवारी, योगेंद्र दीक्षित, हिमांशु वाजपेई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





