• Home
  • रायबरेली
  • भगवान राम का अवतार विप्र, सुर और धेनु की रक्षा के लिए हुआ था: गोविन्द भाई

भगवान राम का अवतार विप्र, सुर और धेनु की रक्षा के लिए हुआ था: गोविन्द भाई

रायबरेली। सुनिये कथा रघुनाथ की अनुष्ठान के छठवें दिन कथा व्यास गोवन्द भाई ने राम के वनगमन का बड़ा मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। उन्होनें कैकेयी के कोप भवन जाने और दशरथ से वर माँगने के प्रसंग का भी वर्णन किया।
उन्होनें कहा कि भगवान श्रीराम स्वयं भी चाहते थे कि वे अभी राजा न बनें, क्योंकि उनका अवतार ही विप्र, सुर, धेनु की रक्षा के लिए हुआ था। यदि राम राजा बन जाते हैं तो वे असुरों का विनाश कर ब्राहम्णों, देवताओं और गायों की रक्षा कैसे कर पाते, इसीलिए भगवान श्रीराम कैकेयी से कहते हैं ‘‘सुन जननी सोई सुत बढ़भागी। जो पितु-मातु वचन अनुरागी’’ भगवान श्रीराम कहते हैं कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे मेरे पिता और माता ने मुझे वन जाने का निर्देश दिया है, मैं इसका पालन करूँगा। भगवान श्रीराम कैकेयी से कहते हैं कि माँ मैं शीघ्र ही वन जाने की तैयारी करता हूँ। लक्ष्मण भी भगवान श्रीराम से साथ जाने की जिद़ करते हैं तो राम, लक्ष्मण से कहते हैं कि माता सुमित्रा से आज्ञा प्राप्त कर लो, लक्ष्मण जब माँ सुमित्रा से वन जाने की आज्ञा माँगते हैं तो सुमित्रा कहती है कि मैं तो तुम्हारे इसी जन्म की माँ हूँ, तुम्हारे शास्वत माता-पिता तो सीता और राम ही हैं, जहाँ राम हैं, वहीं तुम्हारी अयोध्या है। सुमित्रा लक्ष्मण को निर्देश देती हैं कि तुम चौदह वर्ष तक मन, वचन, कर्म से प्रभु श्रीराम की सेवा करना। लक्ष्मण भी यह प्रण करते हैं कि मैं अपने प्रभु श्रीराम की सेवा में किंचित भी प्रमाद नहीं करूँगा। महराज दशरथ की आज्ञा से राम, सीता और लक्ष्मण को लेकर अयोध्या से वन की ओर प्रस्थान करते हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शेखर शुक्ला, विवेक मिश्रा ‘पल्लू’, राजन दीक्षित, उपमन्यु पाण्डेय ‘रिक्की’, आनन्द शुक्ला, हिमांशु बाजपेयी, देव कुमार मिश्रा, सौरभ शुक्ला, योगेश त्रिपाठी, राजेश पाण्डेय, दीपू सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, रोहित त्रिपाठी, गौरव मिश्रा, महेन्द्र अग्रवाल आदि गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top