रायबरेली। आधुनिक हिंदी साहित्य को दिशा देने वाले युग प्रवर्तक साहित्यकार और वैचारिक चेतना के अग्रदूत आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की 87वीं पुण्य तिथि के अवसर पर पुण्य स्मरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास के संयोजक गौरव अवस्थी ने दी।
उन्होंने बताया कि यह समारोह आचार्य द्विवेदी के विचारों, मूल्यों और साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने साहित्य प्रेमियों, शिक्षकों, छात्रों और आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया है।
यह गरिमामय आयोजन आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक, रायबरेली (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में किया जाएगा। समारोह 21 दिसंबर, रविवार को दोपहर 1 बजे से आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी सभागार, विकास खंड राही, जिला मुख्यालय (विकास भवन के पीछे) में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्मृति न्यास के पदाधिकारी, सदस्यगण, साहित्यकार, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राएं एवं साहित्यप्रेमी आमजन सहभागिता करेंगे।
उल्लेखनीय है कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी हिंदी साहित्य के संक्रमण काल के ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने भाषा को संस्कारित किया, साहित्य को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा और वैचारिक अनुशासन की सुदृढ़ नींव रखी। ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादन के माध्यम से उन्होंने हिंदी को राष्ट्रव्यापी पहचान दिलाई और अनेक महान रचनाकारों को साहित्यिक मंच प्रदान किया। उनका योगदान आज भी हिंदी साहित्य की चेतना को निरंतर दिशा देता है।










