हाथरस। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठगकर साइबर स्लेवरी में धकेलने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का एक और खुलासा हुआ है। थाना साइबर क्राइम और हाथरस पुलिस की संयुक्त टीम ने इस गिरोह के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
थाना साइबर क्राइम और हाथरस पुलिस टीम ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर युवाओं को साइबर स्लेवरी में फंसाने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइबर गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रमोद कुमार यादव के रूप में हुई है, जिसे नवी मुंबई से पकड़ा गया है।
इससे पहले इसी मामले में गिरोह के दो सदस्य संजय कुमार राणा और सचिन राणा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। यह कार्रवाई मर्चेन्ट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये ठगने और उन्हें अवैध रूप से थाईलैंड व म्यांमार भेजकर साइबर अपराध कराने के आरोपों के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार, 18 नवंबर 2025 को पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2024 में चेन्नई स्थित एक कॉलेज से कोर्स पूरा करने के बाद वह मर्चेन्ट नेवी में नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने खुद को एजेंसी का डायरेक्टर बताते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर करीब छह लाख रुपये ऑनलाइन ले लिए।
इसके बाद पीड़ित और अन्य युवाओं को थाईलैंड भेजा गया, जहां से उन्हें नदी के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार पहुंचाया गया। वहां उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और उनसे जबरन साइबर अपराध कराया गया। पीड़ितों से 18-18 घंटे तक काम कराया गया और विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया।
बाद में भारतीय दूतावास की मदद से पीड़ितों को रेस्क्यू कर भारत वापस लाया गया। वापस आने पर जब आरोपियों से ठगी की रकम वापस मांगी गई तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम हाथरस में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम ने साक्ष्य संकलन कर पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के दौरान प्रमोद कुमार यादव को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे लेकर उन्हें थाईलैंड भेजा और वहां से म्यांमार भेजकर साइबर स्लेवरी कराई गई। पुलिस द्वारा आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।





