हाथरस। जनपद के सिद्ध गोपाल सेवा ट्रस्ट समिति के संस्थापक व अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने मकर संक्रांति पर्व के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए दान-पुण्य की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति हिंदू धर्म का अत्यंत शुभ एवं पुण्यदायक पर्व है, जो सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। कहीं इसे खिचड़ी पर्व कहा जाता है तो कहीं उत्तरायण पर्व के रूप में इसका उत्सव मनाया जाता है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति पर किया गया दान जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि इस दिन खिचड़ी या काली उड़द का दान करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। गुड़ का दान सूर्य ग्रह को मजबूत करता है, जिससे आत्मविश्वास और भाग्य में बढ़ोतरी होती है। काले तिल का दान करने से सूर्यदेव और शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा गर्म वस्त्र और कंबल का दान करने से लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, जबकि घी का दान आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का प्रतीक माना गया है।
अंत में पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने आमजन से अपील की कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दान-पुण्य कर इस पर्व को सेवा, सद्भाव और सामाजिक सहयोग की भावना के साथ मनाएं।





