फिरोजाबाद। फर्जी फर्म खोलकर जीएसटी की दो करोड़ 20 लाख रुपये की चोरी करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से जीएसटी फ्रॉड में प्रयुक्त पांच मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद और सीओ सदर चंचल त्यागी ने बताया कि 15 अक्टूबर को सहायक आयुक्त राज्य कर खंड द्वितीय द्वारा थाना उत्तर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि पवन कुमार और दिव्या हाईब्राइड प्राइवेट लिमिटेड के अन्य साथियों ने धोखाधड़ी करके जीएसटी की दो करोड़ 20 लाख रुपये की चोरी की है। इसके आधार पर थाना उत्तर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
थाना प्रभारी अंजीश कुमार सिंह, निरीक्षक अपराध राकेश कुमार और गश्त पर मौजूद पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि जीएसटी फ्रॉड करने वाले आरोपी एकत्रित हैं। इसके बाद एसआईटी और थाना उत्तर की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त हैं:
- पवन कुमार पुत्र कोमल सिंह, शांति नगर, आसफाबाद
- रोहित पुत्र बनवारी लाल, नयापुरा, तारागंज, अमोल बिहार कॉलोनी, थाना जनकगंज, जिला ग्वालियर
- पवन पुत्र रामस्वरूप, निवासी सुनील का मकान, पानी की टंकी के सामने, विभव नगर, थाना उत्तर
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अवैध लाभ के लिए फर्जी फर्म का गठन किया था, जिसमें पवन और रोहित को डायरेक्टर बनाया गया। 1 मार्च 2024 को “रिद्वी-सिद्वी मार्केट, दुकान नं. 11, दम्मामल नगर, थाना उत्तर” के नाम से जीएसटी पंजीकरण कराया गया। जांच में पाया गया कि पंजीकरण के लिए रेंट एग्रीमेंट कूट रचित था।
फर्म द्वारा वर्ष 2023-24 में बिना किसी माल की खरीद के आठ करोड़ 32 लाख रुपये का विक्रय और 2024-25 में सात करोड़ 58 लाख रुपये का विक्रय दर्शाया गया। जीएसटी विभाग ने दो करोड़ 20 लाख रुपये की देनदारी तय की थी, जिसका भुगतान नहीं हुआ। फर्म में दर्शाए गए क्रय-विक्रय माल और परिवहन का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि कूट रचित दस्तावेजों का उपयोग कर जीएसटी हड़पने का कुचक्र रचा गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और सभी साक्ष्यों को संकलित कर केस को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।





