
नई दिल्ली। भारत ने अपने 77वें गणतंत्र दिवस पर कार्तव्य पथ पर भव्य परेड के साथ जश्न मनाया। इस वर्ष की थीम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष की याद में थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और 21 तोपों की सलामी ली, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय परिषद के अतिथि समारोह में मौजूद रहे।

सांस्कृतिक झांकियों और प्रदर्शन
इस साल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियों ने देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया। असम के चाय बागान और राजस्थान के किलों जैसी झांकियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गईं। लगभग 2,500 कलाकारों ने रंगारंग प्रदर्शन किया।

भारतीय सेना और सुरक्षा बलों का जलवा
- CRPF और SSB की अखिल महिला बाइक टुकड़ी ने स्टंट से सबका ध्यान खींचा।
- सैनिक प्रदर्शन: भैरव लाइट कमांडो बटालियन, शक्तिबान रेजिमेंट, ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइलें, ज़ंस्कार पॉनी और आर्मी डॉग स्क्वाड ने युद्धक क्षमता का परिचय दिया।
- हिम योद्धा टुकड़ी में बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और चील (रैप्टर) शामिल थे। प्रशिक्षित भारतीय नस्ल के कुत्तों ने बुलेट-प्रूफ जैकेट, कैमरा, GPS और एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम के साथ परेड में भाग लिया।

वायुसेना का रोमांचक फ्लाइपास्ट
भारतीय वायुसेना का फ्लाइपास्ट इस साल सबसे रोमांचक रहा।

- मुख्य आकर्षण: ‘सिंदूर फॉर्मेशन’, जिसमें 2 राफेल, 2 सुखोई, 2 मिग-29 और 1 जगुआर शामिल थे। यह फॉर्मेशन आसमान में तिलक की तरह दिखाई दिया, जो भावना, परंपरा और संदेश का प्रतीक था।
- अन्य फॉर्मेशन: बाज, त्रिशूल, विजय, अपाचे और एलसीएच। प्रदर्शन वर्टिकल चार्ली पर समाप्त हुआ।

संगीत और बैंड प्रदर्शन
72 सदस्यों वाले दल ने साउंड बैरियर धुन प्रस्तुत की। इस साल पहली बार अग्निवीर महिला संगीतकार भी शामिल हुईं। 57 पुरुष और 9 महिला अग्निवीर, और तीन ड्रम मेजर सार्जेंट चार्ल्स एंथोनी डेनियल के नेतृत्व में परेड में शामिल हुए।

समारोह के अंत में हजारों तिरंगे गुब्बारे आकाश में उड़े, जो राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक बने। लगभग 10,000 विशेष अतिथि इस भव्य उत्सव का हिस्सा बने।
╰⪼ pic & story by Kamal Nain Narang










