नई दिल्ली। आर्मी डे से पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सक्रिय आतंकी ढांचों को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और पीओके में इस समय करीब 8 आतंकी कैंप चल रहे हैं, जिनमें 100 से 150 आतंकियों के मौजूद होने की संभावना है। भारतीय सेना इन सभी कैंपों पर कड़ी नजर रखे हुए है और आतंकियों की संख्या व गतिविधियों का लगातार आकलन किया जा रहा है। सेना पूरी तरह से अलर्ट है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को देखते हुए भारत को भी अपनी मिसाइल फोर्स को और मजबूत करना होगा। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के करीब 100 जवान मारे गए थे। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और इस्लामाबाद को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की दुस्साहस का भारतीय सेना प्रभावी ढंग से जवाब देगी।
2026 की अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने अपने सैनिकों की पूरी तैयारी के साथ तैनाती की थी और पाकिस्तान की ओर से किसी भी गलती की स्थिति में जमीनी कार्रवाई के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। यह ऑपरेशन पिछले साल मई में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था। सेना प्रमुख ने कहा कि भारत की सैन्य तैयारियां अब इस स्तर पर पहुंच चुकी हैं कि किसी भी बाहरी दबाव का उस पर असर नहीं पड़ेगा।
ड्रोन क्षमताओं को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष फोकस कर रही है। मिसाइल फोर्स समय की जरूरत है। पाकिस्तान ने अपनी रॉकेट फोर्स तैयार कर ली है और चीन के पास भी मजबूत मिसाइल और ड्रोन क्षमता है, ऐसे में भारत को भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
बांग्लादेश के हालात पर बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि वहां इस समय अंतरिम सरकार है। भारतीय सेना स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सभी संचार चैनल खुले रखे गए हैं ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और भारत भी अपनी सुरक्षा जरूरतों के अनुसार लगातार तैयारी कर रहा है। -Pic and story by Kamal Nain Narang





