रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली में संस्थान अनुसंधान प्रकोष्ठ (IRC) द्वारा 16 जनवरी 2026 को “अनुसंधान परियोजनाओं हेतु अवधारणा प्रस्ताव लेखन कार्यशाला” विषय पर एक दिवसीय क्षमता-वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन के संरक्षण तथा डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी के सह-संरक्षण में संपन्न हुई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संकाय सदस्यों की अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उन्हें संक्षिप्त, प्रभावशाली एवं वित्तपोषण-योग्य अनुसंधान अवधारणा प्रस्ताव विकसित करने हेतु सक्षम बनाना था। उद्घाटन सत्र में संस्थान अनुसंधान प्रकोष्ठ की अध्यक्ष एवं डीन (अनुसंधान) प्रो. अर्चना वर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने में संरचित अवधारणा प्रस्तावों की महत्ता पर बल दिया।
कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख अनुसंधान संगठनों एवं शैक्षणिक संस्थानों से आए प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इनमें डॉ. चंचल गोयल, साइंटिस्ट-एफ, आईसीएमआर–डीएचआर; डॉ. मंजुला सिंह, साइंटिस्ट-एफ, आईसीएमआर, नई दिल्ली; डॉ. अनुप कुमार, एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ तथा डॉ. हुमा मुस्तफा, संयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूपीसीएसटी), लखनऊ शामिल रहीं।
कार्यशाला में एम्स रायबरेली के विभिन्न विभागों से कुल 35 संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। सत्र अत्यंत संवादात्मक रहे, जिनमें अनुसंधान प्राथमिकताओं की पहचान, प्रभावी अवधारणा प्रस्ताव की संरचना, वित्तपोषण तंत्र की समझ, प्रस्ताव मूल्यांकन के मानदंड तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान विचारों के संरेखण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को नवीन अनुसंधान विचारों को सुव्यवस्थित एवं व्यवहारिक प्रस्तावों में परिवर्तित करने हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन एवं संवादात्मक चर्चाओं से प्रतिभागियों को उच्च गुणवत्ता वाले एवं वित्तपोषण-योग्य बाह्य अनुसंधान प्रस्ताव विकसित करने की गहन समझ प्राप्त हुई। यह कार्यशाला संस्थान में सुदृढ़ अनुसंधान संस्कृति के निर्माण तथा अनुसंधान उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई।
कार्यक्रम का समापन संस्थान अनुसंधान प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. अंकित गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह कार्यशाला एम्स रायबरेली की अनुसंधान क्षमता निर्माण एवं नवाचार को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भविष्य में प्रभावशाली एवं सार्थक चिकित्सा अनुसंधान में योगदान देगी।





