हाथरस: नीरज चक्रपाणि। सासनी तहसील से विकास कार्यों में अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम अजरोई में मुख्य सड़क के दोनों ओर कराए जा रहे नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने नियमों की अनदेखी और ग्राम प्रधान की मनमानी के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बिना अवैध कब्जे हटाए नालियों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की वास्तविक चौड़ाई लगभग 13 मीटर है, लेकिन अवैध कब्जे न हटाने के कारण नाली निर्माण के बाद यह चौड़ाई घटकर करीब 7 मीटर रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान से पहले कब्जे हटवाने की मांग की, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।
मामले की शिकायत तहसील स्तर से लेकर जिलाधिकारी हाथरस और मंडल आयुक्त अलीगढ़ तक की गई। मंडल आयुक्त द्वारा उप जिलाधिकारी सासनी को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश के बावजूद अब तक कोई अधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचा और निर्माण कार्य लगातार जारी है।
मीडिया कर्मियों द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई पड़ताल में सड़क की चौड़ाई कम होने की पुष्टि हुई। ग्रामीणों ने नाली निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि बालू और बजरफुट के स्थान पर केवल डस्ट का उपयोग किया जा रहा है और निम्न गुणवत्ता की ईंटें लगाई जा रही हैं।
जब मीडिया ने ग्राम प्रधान से नाली की लंबाई, चौड़ाई, लागत और मानकों को लेकर सवाल किए तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने जानकारी ग्राम सचिव के पास होने की बात कही। इस दौरान ग्राम प्रधान द्वारा यह कहते हुए भी सुना गया कि कार्य अधिकारियों की सहमति से कराया जा रहा है।
कवरेज के दौरान ग्राम प्रधान पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंच गए और मीडिया कर्मियों व शिकायतकर्ता पक्ष के साथ अभद्रता व धक्का-मुक्की करने लगे। आरोप है कि गोली चलाने की धमकी देकर कवरेज रोकने का प्रयास किया गया। सूचना पर 108 पीआरबी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद मीडियाकर्मी सुरक्षित लौट सके।
उधर, उप जिलाधिकारी सासनी से संपर्क करने पर उन्होंने फोन पर बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और शीघ्र ही अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
फिलहाल ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि बिना मानकों और अवैध कब्जे हटाए किया जा रहा निर्माण भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या ग्राम प्रधान की मनमानी यूं ही जारी रहती है।
विकास कार्य बना विवाद, ग्राम प्रधान पर मनमानी के आरोप





